Varjya Swar(वर्ज्य स्वर)

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Classical Music

Varjya Swar(वर्ज्य स्वर)

Notes not employed in a Raag are called Varjya Swaras or Forbidden notes. e.g. Raag Hans-Dhwani has Madhyam and Dhaivat Varjya and so its jati is Audhav-Audhav.

 

जिस स्वर का राग में प्रयोग नहीं होता ह उसे वर्ज्य स्वर कहते हैं। जैसे कि राग भूपाली में सा,रे,ग,प,ध स्वर ही लगते है अर्थात् म और नि वर्ज्य स्वर हुए।