Samvadi Swar(संवादी स्वर)

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Classical Music

Samvadi Swar(संवादी स्वर)

Samvadi Swar is the second most important note of a Raag and is the second most frequently struck note in its melodic expansion. In most cases the Vadi and Samvadi notes are a fourth or fifth apart. Samvadi Swar is often addressed as a wazir

 

संवादी स्वर-राग का द्वितीय महत्वपूर्ण स्वर संवादी स्वर होता है।इसे वादी से कम मगर अन्य स्वरों से ज्यादा प्रयोग किया जाता है इसे वादी स्वर का सहायक या राग का मंत्री स्वर भी कहते हैं।वादी और संवादी में 4-5 स्वरों की दूरी होती है,जैसे अगर किसी राग का वादी स्वर रे है तो संवादी शायद ध या नि हो सकता है।